Friday, August 26, 2016
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गजल हर रोज मरने के बाद । चंद रोज जिया तो क्या ।। हर तरफ से ठुकरा देने के बाद । सबक ए जिंदगी लिया तो क्या ।। राह अपनी वक्त निकल...
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नए साल मैं नई हसरत रखना। पुरा करने का जज्बा संग रखना ।। हसरतों को अपनी उड़ान देना । सपनों को अपनी नई पहचान देना।। संग में रखना ...
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कर - कर मेहनत थक गया । रे नर वो यूँही पक गया ।। सरकार ने ली नहीं सुध । और वो धुप में सक गया ।। मेहनत उसकी कितनी है । और...