Friday, December 30, 2016

नया साल मुबारक 2017 कविता

नए साल मैं  नई हसरत  रखना।
पुरा करने का जज्बा  संग रखना ।।

हसरतों को अपनी उड़ान  देना ।
सपनों को अपनी नई पहचान  देना।।

संग में  रखना  सबको साथ ।
हर काम में  बंटाना सबको हाथ।।

एक काम इस साल  ऐसा करना।
नेक काम  कहलाने  जैसा करना।।

सुनहरा  हो तुम्हारा हर पल ।
खिल जाएं  तुम्हारा हर कल।।

मन हो जाएं  इतना साफ ।
लगे ना तुमको कोई पाप ।।

भूल जाना अपनी बुराई ।
देखना दुसरो में  अच्छाई ।।

भारतीय परंपरा  को आगे बढ़ाना ।
बढ़ाके इसको नई पहचान  दिलाना ।।

बुजुर्गो  का सम्मान करना ।
बुराई का अपमान  करना ।।

नये रिश्तो का स्वागत  करना ।
पुरानों  को   यु  ही  निभाना ।।

आगे बढ़ते  जाना  ।
अच्छा करते जाना ।।

नये साल का राम राम।।


गजल एक भारती