Sunday, December 11, 2016

मोदी की सफाई

मोदी जी तो मन मोजी है।
सबकी उड़ा दे निंद ऐसे वो फौजी है।।

क्या अनोखी सोच  उन्होंने  खोजी है।
जो काले अमीरों  के लिए बोझी है।।

बोझ ये अमीर ढो रहे है।
काले धन को खो रहे है ।।

बरसो से जो काला पलता गया है।
इक पल मैं  वो चलता गया है।।

हराम खोरो की निंद  खो रही है।
और मजदूरों  की चैन हो रही है।।

आज गरीब नाच रहा है।
काली पौथी बांच रहा है।।

अमीरो के काले कारनामों   का  चिट्ठा तो देखों ।
कहीं   मिलेगा नोटो का ढेर  तो कहीं  किट्टा  तो देखों ।।

आज हिन्दुस्तान  का सूरज  ऐसा  चमक रहा है।
मानों  पूरा हिन्दुस्तान  एक साथ दमक रहा है।।

विमुदरीकरण के स्वच्छता  अभियान की  तो बात निराली  है।
बिना हथियार कर दी सबकी जेब खाली है।।

आज गरीब  को मोदी  जी भा रहे है।
और अमीर  को जला रहे है।।

आज फिर  हिन्दुस्तान में  उजाला होते देखा है ।
जो किसी लाईट ने नहीं  फेंका  है।।

Deewana Virendra Bharti
8561887634
02/12/16

गजल एक भारती