Sunday, May 14, 2017

माँ

बदल गया ना माँ अर्थ तेरा युग के साथ
अब कहाँ तुझे बेटा उतना प्यार करता है माँ
थोड़ा बड़ा होते ही वो कहता है
तुम नहीं समझोगी माँ।

माँ तुम तो माँ हो ना
जब नहीं बोलते थे हम
तब भी तो तुम समझ जाया करती थी ना
फिर क्यों वो बेटा ऐसी बातें करता है माँ।

माँ आज तेरा बेटा किसी लड़की से कहता है
तेरे बिना क्या वजूद मेरा
मैं पुछता हूँ माँ 
क्या तेरे बिना उस बेटे का वजूद था।

माँ
ओ माँ
तेरा वो राम कहा है माँ
आज का बेटा तो मतलबी है माँ।

शादी हुई नहीं
तुझे भूल जाएगा
ये कलयुगी बेटा है माँ
तुझे रूलाकर खुद झूम जाएगा ।

माँ तुम इतनी भोली क्यों हो
क्या इस कलयुगी का छल 
तुम्हें नहीं दिखता
क्यों माँ क्यों ।

माँ शब्द नहीं ममता का सागर है
जब सब साथ छोड़ जाया करते है
तब भी साथ देती है जो
वो माँ है।

बेटा कितना ही झूठ बोले
उसकी हर बात को
आंखे मूंद जो सच माने
वो माँ है।।

माँ तु ही तो है वो
जो चलना
बोलना, समझना
सिखाती है।

माँ 
तु नहीं होती तो
क्या वो मूर्ख बेटा
होत यहाँ

लेखक विरेन्द्र भारती
मो. 8561887634



गजल एक भारती